MP में कल का मौसम: क्या फिर लौट रही है कड़ाके की ठंड और बारिश? 21 जनवरी 2026 का ताजा अपडेट देखकर चौंक जाएंगे आप!
क्या आपने आज सुबह हवा में एक अलग तरह की ठंडक महसूस की? या फिर आसमान में छाए बादलों ने आपको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कल बारिश होने वाली है? मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से किसान भाइयों और दैनिक यात्रियों के मन में यह सवाल सबसे ज्यादा है कि क्या 21 जनवरी को मावठा गिरेगा या कड़ाके की धूप निकलेगी। मौसम की यह अनिश्चितता न केवल हमारी दिनचर्या को प्रभावित करती है, बल्कि रबी की फसलों के लिए भी निर्णायक साबित होती है। इस विस्तृत रिपोर्ट में, हम आपको न केवल कल के मौसम का सटीक हाल बताएंगे, बल्कि अगले 10 दिनों के पूर्वानुमान का गहन विश्लेषण भी करेंगे ताकि आप अपनी योजनाएं पहले से बना सकें।
मध्य प्रदेश में 21 जनवरी 2026 का मौसम पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और उपग्रह से प्राप्त चित्रों के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। जहां एक ओर उत्तरी मध्य प्रदेश में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।
विशेष रूप से भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हवाओं का रुख उत्तरी होने के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठिठुरन बनी रहेगी। 21 जनवरी का दिन उन लोगों के लिए विशेष सावधानी वाला होगा जो सुबह जल्दी यात्रा करते हैं, क्योंकि दृश्यता (Visibility) कम रहने का अनुमान है। अगर आप बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, तो बता दें कि स्थानीय सिस्टम सक्रिय होने के कारण ‘मावठा’ गिरने की संभावना कुछ क्षेत्रों में 40% से 50% तक बनी हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ और मावठा का प्रभाव
सर्दियों में होने वाली बारिश को स्थानीय भाषा में ‘मावठा’ कहा जाता है। 21 जनवरी के आसपास बन रही मौसम प्रणाली एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का परिणाम है जो हिमालयी क्षेत्रों से होकर मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। जब यह सिस्टम मध्य भारत के ऊपर से गुजरता है, तो अरब सागर से आने वाली नमी इसके साथ मिल जाती है। इसी प्रक्रिया के कारण मध्य प्रदेश के आसमान में बादल बनते हैं और बारिश होती है।
यह बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और चने के लिए अमृत के समान मानी जाती है, लेकिन अगर इसके साथ ओलावृष्टि होती है, तो यह नुकसानदायक भी हो सकती है। वर्तमान चार्ट्स के अनुसार, 21 जनवरी को हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना ग्वालियर-चंबल संभाग और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में अधिक है। मालवा क्षेत्र में केवल बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा।
अगले 10 दिनों का मौसम: एक विस्तृत विश्लेषण (21 जनवरी से 30 जनवरी 2026)
आने वाले 10 दिनों में मध्य प्रदेश का मौसम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 21 से 23 जनवरी के बीच बादलों का डेरा रहेगा और कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी। इसके बाद, जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, 24 जनवरी से आकाश साफ होना शुरू हो जाएगा। आकाश साफ होने का सीधा मतलब है ‘कड़ाके की ठंड’।
25 जनवरी से 30 जनवरी के बीच, उत्तरी हवाएं सीधे बर्फीले पहाड़ों से मैदानी इलाकों में प्रवेश करेंगी। इसके परिणामस्वरूप, रात का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। पचमढ़ी, उमरिया और नौगांव जैसे स्थानों पर पारा जमाव बिंदु (Freezing Point) के पास पहुंच सकता है। इस दौरान शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप अपने चरम पर होगा। अगले 10 दिनों के पैटर्न को देखें तो यह स्पष्ट है कि पहले बारिश और बादल, और उसके बाद सूखी और हाड़ कपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्रवार मौसम की स्थिति
ग्वालियर और चंबल संभाग:
यह क्षेत्र ठंड का सबसे बड़ा केंद्र बना रहेगा। 21 जनवरी को यहां घना कोहरा रहने की संभावना है। दतिया, भिंड और मुरैना में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है, जिसे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति कहा जाता है।
इंदौर और उज्जैन (मालवा-निमाड़):
यहां का मौसम तुलनात्मक रूप से थोड़ा राहत भरा रह सकता है, लेकिन रात की ठंडक बरकरार रहेगी। 21 जनवरी को यहां बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन का तापमान नहीं बढ़ेगा, लेकिन रात का तापमान बादलों के कारण थोड़ा बढ़ सकता है।
जबलपुर और रीवा (महाकौशल-विंध्य):
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना पश्चिमी हिस्से की तुलना में कम है, लेकिन यहां शीतलहर का असर 24 जनवरी के बाद बहुत तेज होगा। रीवा और सतना में सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा।
किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह
21 जनवरी और अगले 10 दिनों का मौसम किसानों के लिए अत्यंत संवेदनशील है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि हल्की बारिश होती है, तो यह गेहूं की फसल में सिंचाई की आवश्यकता को पूरा कर देगी। हालांकि, 25 जनवरी के बाद आने वाली कड़ाके की ठंड और पाला (Frost) गिरने की संभावना सब्जियों और सरसों की फसल के लिए हानिकारक हो सकती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि यदि तापमान 4 डिग्री से नीचे जाने का अनुमान हो, तो खेतों में हल्की सिंचाई करें या शाम के समय खेतों के आसपास धुआं करें। इससे तापमान नियंत्रित रहता है और पाले का असर कम होता है। कीटनाशकों का छिड़काव करते समय मौसम साफ होने का इंतजार करें, क्योंकि बारिश होने पर छिड़काव का असर खत्म हो जाएगा।
स्वास्थ्य और यात्रा पर प्रभाव
बदलते मौसम का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। 21 जनवरी को मौसम में नमी और ठंड का मिश्रण वायरल बुखार, सर्दी और खांसी के मामलों को बढ़ा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। अस्थमा और सांस के रोगियों के लिए कोहरा खतरनाक हो सकता है।
यात्रा के दृष्टिकोण से, अगले 10 दिन सतर्कता वाले होंगे। कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी और सड़क यातायात धीमा होने की पूरी संभावना है। यदि आप 21 जनवरी को लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम के अपडेट पर नजर रखें और कोहरे में गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट्स का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
प्रमुख शहरों का तापमान चार्ट (21 जनवरी 2026 अनुमानित)
नीचे दी गई तालिका में मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए 21 जनवरी 2026 का अनुमानित तापमान दर्शाया गया है। यह डेटा मौसम के पैटर्न और ऐतिहासिक रुझानों पर आधारित है।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति | बारिश की संभावना |
| भोपाल | 24°C | 11°C | बादल छाए रहेंगे | 20% |
| इंदौर | 25°C | 12°C | आंशिक बादल | 10% |
| ग्वालियर | 19°C | 06°C | घना कोहरा/कोल्ड डे | 40% |
| जबलपुर | 23°C | 10°C | साफ/कोहरा | 10% |
| उज्जैन | 24°C | 11°C | आंशिक बादल | 15% |
| पचमढ़ी | 18°C | 04°C | हल्की बारिश/ठंड | 50% |
| रीवा | 21°C | 08°C | घना कोहरा | 10% |
निष्कर्ष
संक्षेप में, 21 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश का मौसम मिश्रित रहेगा। जहां ग्वालियर-चंबल में कड़ाके की ठंड और कोहरा होगा, वहीं भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में मावठा गिरने और बादल छाए रहने के आसार हैं। अगले 10 दिनों में मौसम का यह चक्र बारिश से शुरू होकर भीषण शीतलहर की ओर बढ़ेगा। यह समय अपनी सेहत का ध्यान रखने और फसलों को पाले से बचाने का है। प्रकृति के इन संकेतों को समझकर हम अपनी सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। मौसम की हर करवट पर नजर रखें और घर से निकलने से पहले अपडेट जरूर चेक करें।
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People Also Ask (FAQs)
1. क्या 21 जनवरी 2026 को भोपाल में बारिश होगी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को भोपाल में आसमान में बादल छाए रहने की पूरी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण शाम या रात के समय हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश की संभावना लगभग 20% है, लेकिन ठंडी हवाएं और नमी वातावरण में निश्चित रूप से बनी रहेगी।
2. मध्य प्रदेश में ठंड और शीतलहर कब तक रहेगी?
मध्य प्रदेश में ठंड का दौर अभी लंबा चलने वाला है। 21 से 23 जनवरी के बीच बादलों के कारण दिन का तापमान कम रहेगा। इसके बाद, 24 जनवरी से 30 जनवरी तक आकाश साफ होने पर ‘शीतलहर’ (Cold Wave) का दूसरा दौर शुरू होगा, जो फरवरी के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है।
3. मावठा (सर्दियों की बारिश) का फसलों पर क्या असर होगा?
मावठा रबी की फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गेहूं और चने की फसल को इस समय नमी की सख्त जरूरत होती है, जो प्राकृतिक बारिश से मिलती है। यह दानों को भरने और फसल को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। हालांकि, अगर ओलावृष्टि होती है, तो यह फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
4. ग्वालियर में इतना घना कोहरा क्यों होता है?
ग्वालियर और चंबल संभाग की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह मैदानी इलाकों में आता है और यहां नमी की मात्रा अधिक रहती है। जब तापमान गिरता है और हवा में नमी होती है, तो यह संघनित होकर कोहरे का रूप ले लेती है। इसके अलावा, प्रदूषण और धूल के कण भी कोहरे को घना बनाने में भूमिका निभाते हैं।
5. क्या पचमढ़ी में 21 जनवरी को बर्फ जम सकती है?
पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है और यहां तापमान अक्सर बहुत नीचे चला जाता है। 21 जनवरी को बारिश की संभावना के बाद, जब आसमान साफ होगा, तो तापमान जमाव बिंदु (0°C) के करीब जा सकता है। ऐसे में घास और खुले मैदानों में पाला (Frost) जमने की पूरी संभावना है, जो बर्फ जैसा ही दिखाई देता है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. मध्य प्रदेश में सर्दियों में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
A) मानसून
B) आम्र वर्षा
C) मावठा
D) काल वैसाखी
सही उत्तर: C) मावठा
Q2. 21 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के किस संभाग में सबसे अधिक कोहरा रहने का अनुमान है?
A) इंदौर
B) ग्वालियर-चंबल
C) नर्मदापुरम
D) जबलपुर
सही उत्तर: B) ग्वालियर-चंबल
Q3. रबी की फसलों के लिए पाला (Frost) से बचाव का एक उपाय क्या है?
A) खेतों में पानी भरना
B) फसल को काट लेना
C) खेतों के पास धुआं करना
D) खाद डालना
सही उत्तर: C) खेतों के पास धुआं करना
Q4. मौसम विभाग के अनुसार, 25 जनवरी के बाद तापमान में क्या बदलाव आएगा?
A) तापमान बहुत बढ़ जाएगा
B) भारी बारिश होगी
C) तापमान गिरेगा और शीतलहर चलेगी
D) मौसम उमस भरा होगा
सही उत्तर: C) तापमान गिरेगा और शीतलहर चलेगी
Q5. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भारत में किस दिशा से प्रवेश करता है?
A) पूर्व
B) दक्षिण
C) उत्तर-पश्चिम
D) उत्तर-पूर्व
सही उत्तर: C) उत्तर-पश्चिम






