कल का मौसम 25 मार्च 2026: अगले 96 घंटे भारी! यूपी-बिहार में मूसलाधार बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का ‘डबल अटैक’, IMD का 13 राज्यों में महा-अलर्ट
कल का मौसम 25 मार्च 2026: मार्च के महीने में जहां लोग चिलचिलाती गर्मी की आहट महसूस कर रहे थे, वहीं कुदरत ने अचानक अपनी करवट बदल ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक सनसनीखेज चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 96 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए अत्यंत भारी होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे मैदानी राज्यों में जहां गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है, वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी का ‘डबल अटैक’ देखने को मिल सकता है। अगर आप कल यानी 25 मार्च 2026 को घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आसमानी आफत आपका रास्ता रोक सकती है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आपके शहर में मौसम का क्या हाल रहने वाला है और किन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ का तांडव: 13 राज्यों में मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में 25 मार्च से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 25 मार्च की शाम से आसमान में काले बादलों का डेरा जमना शुरू हो जाएगा। खासकर यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, हिमालयी क्षेत्रों जैसे कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी हिमपात की चेतावनी दी गई है, जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का हाई-अलर्ट
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में अगले 48 घंटों के भीतर गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। बिहार में भी पटना, गया और भागलपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। किसानों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है क्योंकि इस समय रबी की फसलें कटाई के कगार पर हैं और बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओलावृष्टि का संकट
पहाड़ी राज्यों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और मनाली जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। अगले 96 घंटों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी भारी हिमपात का अनुमान है। इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा, जहां सर्द हवाएं चलने से एक बार फिर स्वेटर और जैकेट बाहर निकालने पड़ सकते हैं।
अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान: एक नजर में
| राज्य/क्षेत्र | मौसम की स्थिति (25-28 मार्च) | हवा की गति (Kmph) | चेतावनी का स्तर |
| दिल्ली-एनसीआर | हल्की बारिश और बादल | 30-40 | येलो अलर्ट |
| उत्तर प्रदेश | भारी बारिश और ओलावृष्टि | 40-50 | ऑरेंज अलर्ट |
| बिहार | गरज-चमक के साथ बारिश | 35-45 | येलो अलर्ट |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बर्फबारी और बारिश | 20-30 | रेड अलर्ट |
| उत्तराखंड | ओलावृष्टि और हिमपात | 25-35 | ऑरेंज अलर्ट |
| पंजाब-हरियाणा | धूल भरी आंधी और बौछारें | 50-60 | येलो अलर्ट |
निष्कर्ष
मार्च के इस अंतिम सप्ताह में मौसम का यह मिजाज असामान्य है और इसके पीछे जलवायु परिवर्तन के बड़े संकेत छिपे हो सकते हैं। 25 मार्च 2026 से लेकर अगले 96 घंटों तक देश के 13 राज्यों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। कुदरत का यह ‘डबल अटैक’ गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन अपने साथ कई चुनौतियां भी लेकर आ रहा है।
People Also Ask (FAQs)
क्या 25 मार्च को दिल्ली में बारिश होगी?
जी हां, मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 25 मार्च 2026 की शाम से दिल्ली-एनसीआर के मौसम में बदलाव आएगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान ठंडी हवाएं चलने से तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
यूपी और बिहार के किन जिलों में ओलावृष्टि का खतरा है?
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर के साथ-साथ पूर्वी यूपी के गोरखपुर और कुशीनगर में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बिहार के उत्तरी जिलों, विशेषकर नेपाल से सटे इलाकों में भी गरज के साथ ओले गिर सकते हैं, जो फसलों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
अगले 96 घंटों के लिए IMD के क्या निर्देश हैं?
IMD ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचें और कच्चे ढांचों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न जाने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
क्या पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में फिर से ठंड लौटेगी?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में चलने वाली हवाएं ठंडी हो जाएंगी। हालांकि, यह कड़ाके की ठंड नहीं होगी, लेकिन सुबह और शाम के समय तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जिससे एक बार फिर हल्की सर्दी का अहसास होगा।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) क्या है और यह मौसम को कैसे प्रभावित करता है?
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाला एक गैर-मानसूनी वर्षा पैटर्न है। जब यह भारत के उत्तर-पश्चिम हिस्से में प्रवेश करता है, तो यह हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश लेकर आता है। मार्च के महीने में इसकी सक्रियता प्री-मानसून गतिविधियों को तेज कर देती है।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. 25 मार्च 2026 को किन राज्यों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है?
A) राजस्थान और गुजरात
B) हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
C) बिहार और बंगाल
D) केरल और तमिलनाडु
Correct Answer: B) हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
Q2. मौसम विभाग के अनुसार अगले कितने घंटों तक भारी मौसम रहने का अनुमान है?
A) 24 घंटे
B) 48 घंटे
C) 96 घंटे
D) 120 घंटे
Correct Answer: C) 96 घंटे
Q3. ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का मुख्य स्रोत क्या है?
A) अरब सागर
B) बंगाल की खाड़ी
C) भूमध्य सागर
D) हिंद महासागर
Correct Answer: C) भूमध्य सागर
Q4. उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश के साथ और क्या होने की संभावना है?
A) लू (Heat Wave)
B) ओलावृष्टि और गरज-चमक
C) चक्रवात
D) सुनामी
Correct Answer: B) ओलावृष्टि और गरज-चमक
Q5. मार्च में हो रही इस बेमौसम बारिश का सबसे अधिक प्रभाव किस पर पड़ेगा?
A) आईटी सेक्टर पर
B) पर्यटन पर
C) कृषि और रबी की फसलों पर
D) विनिर्माण उद्योग पर
Correct Answer: C) कृषि और रबी की फसलों पर






