Bihar Weather Alert: 13 जनवरी 2026 को क्या होगी बारिश? पटना, गया, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में कड़ाके की ठंड और बारिश का अलर्ट – जानें अगले 10 दिनों का सटीक मौसम पूर्वानुमान
क्या आप भी कड़ाके की ठंड से परेशान हैं और यह जानना चाहते हैं कि क्या कल बिहार में बारिश होने वाली है? जनवरी का महीना अपने चरम पर है और बिहार के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से मकर संक्रांति के आसपास का मौसम हमेशा से ही अप्रत्याशित रहा है। आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि क्या कल, यानी 13 जनवरी 2026 को आपको घर से बाहर निकलते समय छाता साथ रखना चाहिए या सिर्फ ऊनी कपड़े काफी होंगे। मौसम का बदलता मिजाज न केवल आपकी दिनचर्या को प्रभावित करता है, बल्कि किसानों और छात्रों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। इस विस्तृत रिपोर्ट में, हम आपको न केवल कल के मौसम की सटीक जानकारी देंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का बिहार के किन जिलों पर क्या असर पड़ने वाला है और अगले 10 दिनों तक मौसम करवट किस ओर बैठेगा।
बिहार में कल का मौसम: 13 जनवरी 2026
बिहार के मौसम में पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी हवाओं का जोर देखने को मिल रहा है, जिससे कनकनी बढ़ गई है। 13 जनवरी 2026 का दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मौसम विभाग के नवीनतम आंकड़ों और वायुमंडलीय स्थितियों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की प्रबल संभावना है। हालाँकि, पूरी तरह से मूसलाधार बारिश की संभावना कम है, लेकिन “बूंदाबांदी” या हल्की बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।
कल के मौसम को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक हिमालय क्षेत्र से आने वाली बर्फीली हवाएं और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी का टकराव है। जब ये दोनों विपरीत प्रकृतियाँ टकराती हैं, तो बिहार के मैदानी इलाकों में कोहरा और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति उत्पन्न होती है। विशेष रूप से दक्षिण बिहार और उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। सुबह के समय घने कोहरे की चादर देखने को मिल सकती है, जो दिन चढ़ने के साथ धीरे-धीरे कम होगी, लेकिन सूर्य देव के दर्शन दुर्लभ हो सकते हैं।

क्या कल बारिश होगी? (Rain Forecast Analysis)
आपके प्रश्न का सीधा उत्तर यह है कि बिहार के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में 13 जनवरी को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत में सक्रिय है, जिसका आंशिक प्रभाव बिहार पर भी पड़ेगा। पटना, गया, औरंगाबाद और रोहतास जैसे जिलों में आकाश में बादल छाए रह सकते हैं। यह स्थिति दिन के तापमान को नीचे गिराने का काम करेगी, जिससे “कोल्ड डे” (Cold Day) जैसी स्थिति बन सकती है।
बारिश की यह संभावना मुख्य रूप से देर दोपहर या शाम के समय बन रही है। यदि बारिश होती है, तो यह रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ के लिए अमृत समान होगी, लेकिन अगर इसके साथ ओलावृष्टि हुई, तो यह नुकसानदेह भी साबित हो सकती है। फिलहाल, ओलावृष्टि की संभावना बहुत कम है, लेकिन हल्की फुहारें पड़ने से ठंड और ठिठुरन में जबरदस्त इजाफा होगा। इसलिए, कल घर से निकलते समय मौसम के मिजाज को भांपना बहुत जरूरी है।
पटना, गया और मुजफ्फरपुर में तापमान का हाल
राजधानी पटना सहित प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। 13 जनवरी को पटना का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। पछुआ हवाओं की गति 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है, जो नसों में सिहरन पैदा करने के लिए काफी है।
दूसरी ओर, गया जो कि भौगोलिक कारणों से बिहार का सबसे गर्म और सबसे ठंडा जिला माना जाता है, वहां स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। गया में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यहाँ सुबह के समय दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम हो सकती है। मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार के अन्य जिलों जैसे दरभंगा और सीतामढ़ी में “शीतलहर” (Cold Wave) का प्रकोप जारी रहने की उम्मीद है। यहाँ दिन में धूप निकलने की संभावना बहुत क्षीण है।
कोहरा और यातायात पर प्रभाव
जनवरी के महीने में कोहरा बिहार के लिए एक बड़ी समस्या बन जाता है। 13 जनवरी और उसके बाद के दिनों में भी घने कोहरे का अलर्ट जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से गंगा के मैदानी इलाकों और तराई क्षेत्रों में कोहरे की सघनता बहुत अधिक रहेगी। इसका सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ेगा। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल सकती हैं और पटना एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन में भी बाधा आ सकती है।
सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सुबह और रात के समय ड्राइविंग करना जोखिम भरा हो सकता है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, अगर बहुत आवश्यक न हो, तो देर रात या बहुत सुबह यात्रा करने से बचें। फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और अपनी गाड़ी की गति नियंत्रित रखें।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (13 जनवरी से 22 जनवरी 2026)
आने वाले 10 दिनों में बिहार का मौसम कई रंग दिखाएगा। 13 से 15 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंशिक बादल और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। मकर संक्रांति (14-15 जनवरी) के दौरान भी मौसम सर्द रहेगा और धूप निकलने के आसार कम हैं। 16 जनवरी के बाद मौसम में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ जाने के बाद आसमान साफ होगा।
आसमान साफ होते ही रात के तापमान में और गिरावट आएगी। विज्ञान के अनुसार, जब आसमान साफ होता है, तो पृथ्वी की गर्मी तेजी से वायुमंडल में चली जाती है, जिससे रातें और अधिक ठंडी हो जाती हैं। अतः 16 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिसे हम “गलन वाली ठंड” कहते हैं। 20 जनवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो सकती है और धूप तीखी होने लगेगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
कृषि और किसानों के लिए सलाह
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए मौसम का सीधा असर यहाँ की खेती पर पड़ता है। अगले 10 दिनों का मौसम रबी फसलों के लिए मिला-जुला रहेगा। गेहूँ की फसल के लिए यह ठंड बहुत फायदेमंद है। यदि 13 या 14 जनवरी को हल्की बारिश होती है, तो यह खाद का काम करेगी और सिंचाई की लागत बचाएगी। लेकिन आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों को सावधान रहने की जरूरत है।
पा पाला (Frost) गिरने की संभावना 16 जनवरी के बाद बढ़ सकती है जब आसमान साफ होगा। पाला आलू की फसल को झुलसा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान अपने खेतों में नमी बनाए रखें और यदि पाला गिरने की आशंका हो, तो शाम के समय खेतों के किनारे धुआं करें। इससे तापमान नियंत्रित रहता है और फसल बर्बाद होने से बच जाती है।
मौसम डेटा चार्ट: प्रमुख शहरों का अगले 10 दिनों का अनुमान
नीचे दी गई तालिका में बिहार के प्रमुख शहरों के लिए अगले 10 दिनों का संभावित तापमान और मौसम की स्थिति दर्शाई गई है:
| दिनांक | शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति |
| 13 जन 2026 | पटना | 19°C | 9°C | बादल/हल्की बारिश की संभावना |
| 13 जन 2026 | गया | 18°C | 7°C | घना कोहरा और अत्यधिक ठंड |
| 14 जन 2026 | मुजफ्फरपुर | 18°C | 8°C | आंशिक रूप से बादल, शीतलहर |
| 15 जन 2026 | भागलपुर | 20°C | 10°C | सुबह कोहरा, बाद में साफ |
| 16 जन 2026 | पूर्णिया | 21°C | 9°C | साफ आसमान, रात में ठंड बढ़ेगी |
| 17 जन 2026 | दरभंगा | 19°C | 8°C | धूप निकलेगी, लेकिन हवा सर्द रहेगी |
| 18 जन 2026 | रोहतास | 22°C | 8°C | मौसम शुष्क रहेगा |
| 19 जन 2026 | छपरा | 20°C | 9°C | सुबह हल्का कोहरा |
| 20 जन 2026 | बेगूसराय | 21°C | 10°C | धूप खिलने के आसार |
| 21-22 जन | सम्पूर्ण बिहार | 22-24°C | 11-12°C | तापमान में बढ़ोतरी, ठंड से राहत |
निष्कर्ष (Conclusion)
सारांश में कहें तो, 13 जनवरी 2026 को बिहार के मौसम में नमी और ठंड का मिश्रण देखने को मिलेगा। पटना, गया और आसपास के जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जो ठंड को और बढ़ाएगी। अगले 10 दिनों तक कड़ाके की ठंड और कोहरे का प्रभाव बना रहेगा, लेकिन महीने के अंत तक राहत मिलने की उम्मीद है। घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना न भूलें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। मौसम की यह करवट फसलों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए किसान भाइयों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपनी सेहत का ध्यान रखें और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या निर्धारित करें।
Call to Action (CTA): क्या आपके क्षेत्र में अभी बारिश हो रही है या घना कोहरा छाया हुआ है? अपने शहर का नाम और मौसम का हाल हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि अन्य लोगों को भी सही जानकारी मिल सके!
People Also Ask (FAQs)
Q1. क्या 13 जनवरी 2026 को पटना में बारिश होगी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को पटना में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा सकता है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। हालांकि, भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
Q2. बिहार में कड़ाके की ठंड कब तक रहेगी?
बिहार में जनवरी के तीसरे सप्ताह तक, यानी लगभग 20 जनवरी 2026 तक कड़ाके की ठंड जारी रहने की उम्मीद है। 16 जनवरी के बाद आसमान साफ होने पर रात का तापमान और गिर सकता है। 22 जनवरी के बाद ही दिन के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी और ठंड से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।
Q3. क्या कल स्कूलों में छुट्टी रहेगी मौसम खराब होने के कारण?
शीतलहर और कम विजिबिलिटी को देखते हुए, जिला प्रशासन अक्सर छोटे बच्चों के स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी की घोषणा करता है। चूँकि 13 जनवरी को कोहरा और ठंड अधिक रहने का अनुमान है, इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) के आधिकारिक आदेश या स्कूल नोटिस बोर्ड की जाँच करें।
Q4. बिहार का सबसे ठंडा जिला कौन सा रहने वाला है?
ऐतिहासिक रूप से और वर्तमान मौसम प्रणालियों के आधार पर, गया बिहार का सबसे ठंडा जिला रहने की संभावना है। यहाँ का न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके अलावा, सबौर (भागलपुर) और पूर्णिया में भी तापमान काफी नीचे रहने की उम्मीद है।
Q5. कोहरे के कारण कौन सी ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं?
घने कोहरे के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट और दिल्ली-पटना रूट पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें जैसे राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति और मगध एक्सप्रेस के प्रभावित होने की सबसे अधिक संभावना है। विजिबिलिटी कम होने के कारण ये ट्रेनें 2 से 6 घंटे या उससे भी अधिक देरी से चल सकती हैं। यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति ऑनलाइन चेक करना बेहतर होगा।
Interactive Knowledge Check (MCQ Quiz)
Q1. 13 जनवरी 2026 को बिहार के मौसम को मुख्य रूप से कौन सा कारक प्रभावित कर रहा है?
A. चक्रवाती तूफान
B. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
C. लू (Heatwave)
D. मानसूनी हवाएं
Correct Answer: B
Q2. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, पाला (Frost) किस फसल के लिए हानिकारक हो सकता है?
A. गेहूँ
B. गन्ना
C. आलू
D. मक्का
Correct Answer: C
Q3. बिहार का कौन सा जिला अक्सर सबसे ठंडा और सबसे गर्म दोनों रहता है?
A. पटना
B. मुजफ्फरपुर
C. किशनगंज
D. गया
Correct Answer: D
Q4. आसमान साफ होने पर रात के तापमान पर क्या असर पड़ता है?
A. तापमान बढ़ जाता है
B. तापमान गिर जाता है (ठंड बढ़ती है)
C. कोई बदलाव नहीं होता
D. बारिश होती है
Correct Answer: B
Q5. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ठंड से राहत कब मिलने की उम्मीद है?
A. 13 जनवरी से
B. 15 जनवरी से
C. 20-22 जनवरी के बाद
D. फरवरी के अंत में
Correct Answer: C
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऐतिहासिक डेटा और सामान्य मौसम पैटर्न के आधार पर लिखा गया एक अनुमानित विश्लेषण है। मौसम प्रकृति के अधीन है और इसमें कभी भी अचानक बदलाव हो सकता है। किसी भी यात्रा की योजना बनाने या कृषि संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले, कृपया भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या नवीनतम बुलेटिन की जाँच अवश्य करें। लेखक या वेबसाइट किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।






