मध्य प्रदेश में 20 जनवरी 2026 को होगी भारी बारिश या कड़ाके की ठंड? जानिए अगले 10 दिनों का सटीक मौसम पूर्वानुमान
क्या आप भी कल घर से निकलने से पहले सोच रहे हैं कि छाता साथ रखें या स्वेटर? मध्य प्रदेश के मौसम में आए दिन हो रहे बदलाव ने आम जनता से लेकर किसानों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है। जनवरी का महीना अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ठंड और बारिश की लुका-छिपी जारी है। यदि आप जानना चाहते हैं कि 20 जनवरी 2026 को आपके शहर में पानी गिरेगा या धूप निकलेगी, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस विस्तृत रिपोर्ट में, हम न केवल कल के मौसम का हाल बताएंगे, बल्कि अगले 10 दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान का गहन विश्लेषण भी करेंगे।
मध्य प्रदेश में कल (20 जनवरी 2026) का मौसम: एक विस्तृत विश्लेषण
मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति अरब सागर से आ रही नमी और उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के टकराने से बनी है।
विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तरी हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा दिखेगा। जहां एक तरफ दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, वहीं रात का तापमान बादलों के कारण थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन बारिश के बाद चलने वाली हवाएं ठिठुरन बढ़ा सकती हैं।

किन जिलों में है बारिश और ‘मावठ’ की संभावना?
20 जनवरी को प्रदेश के चुनिंदा इलाकों में जिसे स्थानीय भाषा में ‘मावठ’ (सर्दियों की बारिश) कहा जाता है, गिरने की प्रबल संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर चंबल संभाग में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत समान हो सकती है, लेकिन यदि ओलावृष्टि हुई तो यह नुकसानदेह भी साबित होगी।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की निगरानी रखें। विशेषकर खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। मौसम प्रणाली यह संकेत दे रही है कि यह सिस्टम अगले 24 से 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है, जिससे रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (20 जनवरी से 30 जनवरी 2026)
अगले 10 दिनों का मौसम मध्य प्रदेश वासियों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 20 से 22 जनवरी के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर रहेगा। इसके बाद, जैसे ही यह पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, 23 जनवरी के बाद से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
हालांकि, मौसम साफ होते ही 24 जनवरी से एक बार फिर कड़ाके की ठंड (Cold Wave) की वापसी हो सकती है। उत्तरी हवाएं सीधे प्रदेश में प्रवेश करेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के आसपास सुबह और शाम घना कोहरा रहने की संभावना है, जो यातायात को प्रभावित कर सकता है। महीने के अंत तक, यानी 30 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा और धूप में तेजी आएगी।
क्षेत्रवार मौसम की स्थिति
1. मालवा और निमाड़ (इंदौर-उज्जैन संभाग):
इंदौर और उज्जैन संभाग में 20 जनवरी को आसमान में बादल छाए रहेंगे। यहाँ हल्की बारिश की संभावना 40% तक है। अगले 10 दिनों में यहाँ का मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन रातें ठंडी रहेंगी। यहाँ अत्यधिक कोहरे की संभावना कम है।
2. बुंदेलखंड और बघेलखंड (सागर-रीवा संभाग):
इन इलाकों में बारिश की संभावना कम है, लेकिन 22 जनवरी के बाद यहाँ शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल सकता है। पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
3. ग्वालियर-चंबल संभाग:
यह क्षेत्र ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा। 20 जनवरी को यहाँ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम हो सकती है। अगले 10 दिनों तक यहाँ के निवासियों को गर्म कपड़ों की सख्त जरूरत होगी।
4. मध्य क्षेत्र (भोपाल-होशंगाबाद):
राजधानी भोपाल में मौसम मिला-जुला रहेगा। 20 जनवरी को हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इसके बाद मौसम खुल जाएगा और धूप खिलेगी।
मौसम डेटा तुलना चार्ट (20 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए 20 जनवरी 2026 का संभावित तापमान और मौसम की स्थिति दर्शाई गई है:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति | बारिश की संभावना |
| भोपाल | 24°C | 12°C | बादल छाए रहेंगे | 30% (हल्की बूंदाबांदी) |
| इंदौर | 25°C | 13°C | आंशिक रूप से बादल | 20% |
| ग्वालियर | 20°C | 7°C | कोहरा और ठंड | 10% |
| जबलपुर | 26°C | 11°C | साफ आकाश/हल्के बादल | 5% |
| उज्जैन | 25°C | 12°C | बादल छाए रहेंगे | 25% |
| पचमढ़ी | 18°C | 4°C | अत्यधिक ठंड | 15% |
किसानों और आम जनता पर प्रभाव
जनवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाले इस मौसमी बदलाव का सबसे गहरा असर कृषि पर पड़ता है। चने और गेहूं की फसल के लिए हल्की बारिश लाभदायक है, जिसे ‘सोने की बूंदें’ कहा जाता है। लेकिन, सरसों की फसल को इससे नुकसान हो सकता है, क्योंकि नमी के कारण उसमें कीट लगने का डर रहता है।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी भी जारी की गई है। तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार, सर्दी और खांसी के मामले बढ़ सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और शाम के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। 20 जनवरी को गीली सड़कों और 24 जनवरी के बाद कोहरे के कारण वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, 20 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना है। आपको अपने साथ रेनकोट या छाता रखने की सलाह दी जाती है। अगले 10 दिनों में मौसम करवट लेगा और बारिश के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड वापसी करेगी। मौसम की इस अनिश्चितता के बीच अपनी सेहत और अपनी फसलों का ध्यान रखना सर्वोपरि है। मौसम के हर अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
आगे क्या करें: क्या आप अपने जिले का सटीक प्रति घंटा (hourly) मौसम अपडेट जानना चाहते हैं? नीचे कमेंट में अपने शहर का नाम लिखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या 20 जनवरी 2026 को भोपाल में भारी बारिश होगी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, भोपाल में 20 जनवरी को भारी बारिश की संभावना कम है। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है। भारी बारिश का कोई रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।
Q2. मध्य प्रदेश में ठंड कब कम होगी?
जनवरी के अंत तक ठंड का प्रभाव बना रहेगा। विशेष रूप से 20 जनवरी की बारिश के बाद, उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण 23 से 27 जनवरी के बीच ठंड फिर से बढ़ेगी। फरवरी के पहले सप्ताह से तापमान में क्रमिक वृद्धि होने और ठंड कम होने की उम्मीद है।
Q3. क्या यह बेमौसम बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक है?
यह बारिश (मावठ) गेहूं और चने जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि यह प्राकृतिक सिंचाई का काम करती है और दानों को मोटा करती है। हालांकि, यदि बारिश के साथ ओले गिरते हैं या तेज हवाएं चलती हैं, तो फसलों के गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
Q4. अगले 10 दिनों में ग्वालियर-चंबल में कोहरे की क्या स्थिति रहेगी?
ग्वालियर और चंबल संभाग में कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। 20 जनवरी को बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से 21 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाया रह सकता है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो सकती है।
Q5. 20 जनवरी को यात्रा करना सुरक्षित है या नहीं?
20 जनवरी को यात्रा करना सामान्यतः सुरक्षित है, लेकिन जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, वहां सड़कों पर फिसलन हो सकती है। यदि आप सुबह जल्दी या देर रात यात्रा कर रहे हैं, तो कोहरे और कम रोशनी के कारण वाहनों की गति धीमी रखना और फॉग लाइट्स का उपयोग करना ही समझदारी होगी।
ज्ञान परख प्रश्नोत्तरी (Quiz)
Q1. मध्य प्रदेश में सर्दियों में होने वाली बारिश को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
A) मानसून
B) मावठ
C) काल बैसाखी
D) आम्र वर्षा
सही उत्तर: B) मावठ
Q2. 20 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक क्या है?
A) चक्रवाती तूफान
B) लू (Heatwave)
C) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
D) मानसून गर्त
सही उत्तर: C) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
Q3. 20 जनवरी 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार किस शहर में न्यूनतम तापमान सबसे कम रहने की संभावना है?
A) भोपाल
B) इंदौर
C) जबलपुर
D) पचमढ़ी
सही उत्तर: D) पचमढ़ी
Q4. रबी की फसलों के लिए हल्की शीतकालीन वर्षा का क्या प्रभाव होता है?
A) यह फसलों को पूरी तरह नष्ट कर देती है
B) यह फसलों के लिए फायदेमंद होती है
C) इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता
D) यह मिट्टी को बंजर बना देती है
सही उत्तर: B) यह फसलों के लिए फायदेमंद होती है
Q5. 24 जनवरी के बाद मध्य प्रदेश में मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
A) भारी बाढ़
B) अत्यधिक गर्मी
C) कड़ाके की ठंड और कोहरा
D) लगातार बारिश
सही उत्तर: C) कड़ाके की ठंड और कोहरा






