20 जनवरी 2026: यूपी में कल होगी भारी बारिश या पड़ेगी कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग का रेड अलर्ट और अगले 10 दिनों का सबसे सटीक पूर्वानुमान
क्या आप भी कल घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन मौसम के मिजाज को लेकर चिंतित हैं? उत्तर प्रदेश में जनवरी का महीना अपने चरम पर है और ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। 19 जनवरी 2026 की शाम होते-होते हवाओं में जो गलन महसूस हो रही है, वह इस बात का संकेत है कि कल यानी 20 जनवरी का दिन सामान्य नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जो न केवल आपके सफर को प्रभावित कर सकती है, बल्कि आपकी सेहत और खेती-किसानी पर भी गहरा असर डाल सकती है। इस विस्तृत लेख में हम आपको न केवल कल के मौसम का हाल बताएंगे, बल्कि अगले 10 दिनों तक उत्तर प्रदेश के मौसम में होने वाले हर छोटे-बड़े बदलाव का वैज्ञानिक विश्लेषण और सटीक जानकारी भी देंगे। इस जानकारी के साथ आप अपने सप्ताह की बेहतर योजना बना सकेंगे।
यूपी में कल का मौसम: 20 जनवरी 2026
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और विभिन्न मौसम एजेंसियों के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) से लेकर ‘सीवियर कोल्ड डे’ (Severe Cold Day) की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हिमालयी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों में तापमान को गिरा दिया है। कल के मौसम को मुख्य रूप से तीन भागों में समझा जा सकता है: घना कोहरा, गलन वाली ठंड और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर जैसे जिले शामिल हैं, वहां कल सुबह दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर तक रह सकती है। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ेगा। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में दोपहर के समय हल्की धूप खिलने की उम्मीद है, लेकिन शाम होते ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जो कल के मौसम में अचानक बदलाव ला सकता है।

कोहरा और शीत लहर: किन जिलों में जारी हुआ रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 20 जनवरी के लिए उत्तर प्रदेश के तराई वाले क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। लखीमपुर खीरी, बहराइच, पीलीभीत और सीतापुर जैसे जिलों में कल सुबह घना कोहरा छाया रहेगा। कोहरे की चादर इतनी मोटी हो सकती है कि हाईवे पर गाड़ियां चलाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा, कानपुर और लखनऊ जैसे मध्य यूपी के शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ शीत लहर चलने की प्रबल संभावना है, जिससे दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है।
शीत लहर का यह प्रकोप केवल रात में ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी महसूस किया जाएगा। जब दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है और हवा की गति तेज होती है, तो उसे गंभीर शीत लहर की श्रेणी में रखा जाता है। कल कई जिलों में ऐसी ही स्थिति बनने के आसार हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि ऐसे मौसम में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कल बारिश होगी? पश्चिमी विक्षोभ का असर
सबसे बड़ा सवाल जो लोग पूछ रहे हैं, वह यह है कि क्या कल बारिश होगी? मौसम विश्लेषण के अनुसार, 20 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ सुदूर इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने की 20 से 30 प्रतिशत संभावना है। यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकती है जो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी कर रहा है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में ठंड और नमी के रूप में दिख रहा है।
हालांकि, पूरे राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने की वजह से ‘ग्रीनहाउस प्रभाव’ जैसी स्थिति नहीं बनेगी, जिससे रात का तापमान तो थोड़ा बढ़ सकता है लेकिन दिन में सूरज न निकलने के कारण ठंडक बरकरार रहेगी। बुंदेलखंड क्षेत्र (झांसी, बांदा, महोबा) में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन यहाँ सूखी ठंड (Dry Cold) लोगों को परेशान कर सकती है।
अगले 10 दिनों का मौसम: 20 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक का हाल
आने वाले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश का मौसम कई करवटें लेगा। 20 जनवरी के बाद, 22 और 23 जनवरी के आसपास एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है, जो राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश करवा सकता है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए ‘सोने पर सुहागा’ साबित हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
26 जनवरी, यानी गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौसम के साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन सुबह के समय घना कोहरा परेड और अन्य कार्यक्रमों में बाधा डाल सकता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह यानी 27 से 30 जनवरी के बीच कोहरे की सघनता में कमी आएगी और धूप निकलने की अवधि बढ़ेगी, जिससे लोगों को गलन वाली ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह और शाम की ठंड फरवरी की शुरुआत तक जारी रहेगी।
प्रमुख शहरों का तापमान चार्ट (20 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए कल के संभावित तापमान और मौसम की स्थिति का विवरण दिया गया है:
| शहर | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति |
| लखनऊ | 6°C | 16°C | घना कोहरा, बाद में आंशिक धूप |
| कानपुर | 5°C | 15°C | शीत लहर (Cold Wave) |
| नोएडा | 4°C | 14°C | अत्यधिक घना कोहरा, दृश्यता कम |
| वाराणसी | 7°C | 18°C | सुबह कोहरा, दिन में साफ |
| प्रयागराज | 6°C | 17°C | धुंध और ठंडी हवाएं |
| आगरा | 5°C | 16°C | कोहरा, हल्की धूप की संभावना |
| झांसी | 6°C | 19°C | शुष्क मौसम, धूप खिलेगी |
| गोरखपुर | 8°C | 17°C | मध्यम कोहरा |
| मेरठ | 3°C | 13°C | सीवियर कोल्ड डे (Red Alert) |
किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। 20 जनवरी और उसके बाद के दिनों में अपेक्षित मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि किसान अपनी फसलों, विशेषकर आलू और टमाटर को पाले (Frost) से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। नमी रहने से मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहता है और पाले का असर कम होता है।
गेहूं की फसल के लिए यह ठंड वरदान साबित हो सकती है, क्योंकि कम तापमान में दाने अच्छे से भरते हैं। लेकिन यदि 22-23 जनवरी को बारिश के साथ ओले गिरते हैं, तो सरसों और मटर की फसल को नुकसान हो सकता है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने दुधारू पशुओं को खुले आसमान के नीचे न रखें और उन्हें जूट की बोरियों से ढककर रखें, क्योंकि तापमान में गिरावट से पशुओं में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी चेतावनी
अगले कुछ दिनों तक कोहरे और ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्थमा और सांस के रोगियों को सुबह की सैर (Morning Walk) से बचने की सलाह दी जाती है। जब तक धूप न निकले, घर के अंदर ही व्यायाम करना बेहतर होगा। यात्रा करने वालों के लिए, विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति धीमी रखने की सख्त हिदायत दी गई है। ट्रेनें भी कोहरे के कारण 2 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो 20 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। पश्चिमी यूपी में कोहरे का प्रकोप ज्यादा रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी में गलन परेशान करेगी। अगले 10 दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जिसमें 22-23 जनवरी के आसपास बारिश की संभावना सबसे महत्वपूर्ण बदलाव होगी। प्रकृति के इन संकेतों को समझकर और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करके हम न केवल सुरक्षित रह सकते हैं, बल्कि अपने दैनिक कार्यों को भी सुचारू रूप से चला सकते हैं। इस बदलते मौसम में अपनी सेहत का ख्याल रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अगला कदम: क्या आप अपने जिले की विशिष्ट (Pin-code level) मौसम जानकारी और अलर्ट सीधे अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहेंगे?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 20 जनवरी को लखनऊ में बारिश होने की संभावना है?
उत्तर: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जनवरी को लखनऊ में बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकि, आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और ठंडी हवाएं चलेंगी। बारिश की मुख्य संभावना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में है, जबकि लखनऊ में मौसम शुष्क लेकिन ठंडा रहने की उम्मीद है।
प्रश्न 2: उत्तर प्रदेश में शीत लहर (Cold Wave) कब तक जारी रहेगी?
उत्तर: वर्तमान मौसम प्रणाली और हिमालय से आ रही उत्तरी हवाओं को देखते हुए, उत्तर प्रदेश में शीत लहर का प्रकोप जनवरी के अंत तक जारी रहने की संभावना है। 26 जनवरी के बाद दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रात और सुबह की ठंडक फरवरी के पहले सप्ताह तक बनी रहेगी।
प्रश्न 3: कोहरे के कारण कौन से एक्सप्रेसवे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
उत्तर: कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से तराई वाले क्षेत्रों और नहरों के किनारे से गुजरने वाले रास्तों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच सकती है। यात्रियों को रात और तड़के सफर करने से बचने की सलाह दी जाती है।
प्रश्न 4: क्या ठंड और कोहरे की वजह से स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं?
उत्तर: कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया है या नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। 20 जनवरी के मौसम को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकता है। सटीक जानकारी के लिए अपने स्कूल प्रशासन या स्थानीय समाचारों से संपर्क करें।
प्रश्न 5: रबी की फसलों पर इस मौसम का क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: वर्तमान ठंड और कोहरा गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभदायक है, क्योंकि इससे ‘टिलरिंग’ (कल्ले फूटने) की प्रक्रिया अच्छी होती है। हालांकि, आलू, सरसों और टमाटर जैसी फसलों को पाले से खतरा है। यदि बारिश होती है, तो यह खाद का काम करेगी, लेकिन ओलावृष्टि नुकसान पहुंचा सकती है।
इंटरैक्टिव नॉलेज चेक (MCQ Quiz)
प्रश्न 1: मौसम विज्ञान की भाषा में ‘शीत लहर’ (Cold Wave) की घोषणा कब की जाती है?
A. जब न्यूनतम तापमान 15°C हो
B. जब न्यूनतम तापमान 10°C से कम हो और सामान्य से 4.5°C की गिरावट हो
C. जब बारिश हो रही हो
D. जब कोहरा बहुत घना हो
सही उत्तर: B
प्रश्न 2: उत्तर प्रदेश में सर्दियों में बारिश मुख्य रूप से किस कारण होती है?
A. मानसून
B. चक्रवात
C. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
D. लू (Loo)
सही उत्तर: C
प्रश्न 3: कोहरे में गाड़ी चलाते समय कौन सी लाइट का उपयोग सबसे सुरक्षित माना जाता है?
A. हाई बीम (High Beam)
B. लो बीम और फॉग लैंप (Low Beam & Fog Lamp)
C. केवल पार्किंग लाइट
D. कोई लाइट नहीं
सही उत्तर: B
प्रश्न 4: जनवरी के महीने में उत्तर प्रदेश में औसत न्यूनतम तापमान किस सीमा में रहता है?
A. 15°C – 20°C
B. 20°C – 25°C
C. 5°C – 10°C
D. 0°C – 2°C
सही उत्तर: C
प्रश्न 5: रबी की कौन सी फसल को अधिक ठंड से सबसे ज्यादा लाभ होता है?
A. चावल
B. मक्का
C. गेहूं
D. बाजरा
सही उत्तर: C






