UP Weather Alert: 4 जनवरी को यूपी में होगी कड़ाके की ठंड या बारिश? जानें अगले 15 दिनों का पूरा मौसम और कोहरे का हाल
क्या आप भी उत्तर प्रदेश की कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से परेशान हैं? जनवरी का महीना आते ही पूरे उत्तर भारत में मौसम अपना रंग बदलना शुरू कर देता है, और इस बार 2026 की शुरुआत भी कुछ अलग नहीं है। अगर आप कल, यानी 4 जनवरी 2026 को घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस विस्तृत लेख में, हम आपको न केवल कल के मौसम की सटीक जानकारी देंगे, बल्कि अगले 15 दिनों तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा, इसका भी पूरा विश्लेषण करेंगे। हम जानेंगे कि क्या शीत लहर (Cold Wave) का प्रकोप जारी रहेगा या फिर बारिश की कोई संभावना बन रही है। इस जानकारी के साथ आप अपनी यात्रा और कार्यों को बेहतर ढंग से प्लान कर पाएंगे।
4 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश में मौसम का विस्तृत विश्लेषण
उत्तर प्रदेश में 4 जनवरी 2026 का दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम आंकड़ों और वायुमंडलीय स्थितियों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। बर्फीली हवाओं का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक देखने को मिलेगा। विशेष रूप से सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट की संभावना है, जिससे गलन वाली ठंड महसूस होगी।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। 4 जनवरी को आसमान में हल्का कोहरा छाया रहेगा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही धूप निकलने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, यह धूप बेअसर साबित हो सकती है क्योंकि ठंडी हवाओं (Icy Winds) की गति 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। यह हवाएं धूप की तपिश को कम कर देंगी और लोगों को दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ेगा।

घने कोहरे (Dense Fog) और विजिबिलिटी का अपडेट
4 जनवरी की सुबह उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ और कुछ स्थानों पर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया जा सकता है। इसका मुख्य कारण घना कोहरा है। विशेषकर तराई वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे बसे शहरों में दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है। यह स्थिति ड्राइवरों और सुबह के समय यात्रा करने वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे पश्चिमी यूपी के जिलों में सुबह 4 बजे से लेकर 9 बजे तक घना कोहरा छाया रह सकता है। वहीं, पूर्वी यूपी के वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में भी कोहरे की चादर देखने को मिलेगी, हालांकि यहाँ स्थिति पश्चिम की तुलना में थोड़ी बेहतर हो सकती है। हाइवे और एक्सप्रेसवे (जैसे यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) पर सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनाम पूर्वी उत्तर प्रदेश: तापमान में अंतर
मौसम के मिजाज को समझने के लिए हमें प्रदेश को दो भागों में बांटकर देखना होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जो दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के करीब है, वहाँ ठंड का असर ज्यादा तीखा होगा। 4 जनवरी को यहाँ न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं, अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट सकता है।
दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिहार से सटी सीमाओं के कारण मौसम में थोड़ी नमी हो सकती है। यहाँ न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, बिहार की तरफ से आने वाली पुरवाई हवाओं और पहाड़ों से आने वाली पछुआ हवाओं का टकराव मौसम में अस्थिरता पैदा कर सकता है, जिससे आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
अगले 15 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (5 जनवरी से 19 जनवरी 2026)
अगले 15 दिनों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में मौसम कई करवटें बदल सकता है। जनवरी का दूसरा सप्ताह आमतौर पर सबसे ठंडा माना जाता है, और इस वर्ष भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
5 जनवरी से 10 जनवरी: इस दौरान शीत लहर अपने चरम पर होगी। मकर संक्रांति से पहले का यह समय कड़ाके की ठंड वाला होगा। कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) घोषित किया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा। धूप तो निकलेगी लेकिन उसमें गर्मी नहीं होगी।
11 जनवरी से 15 जनवरी: इस समय अवधि के दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, विशेषकर बुंदेलखंड और तराई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या बारिश की संभावना बन सकती है। बारिश होने से कोहरा तो छंट जाएगा लेकिन ठंड और गलन बढ़ जाएगी। इसे स्थानीय भाषा में ‘मावठ’ कहा जाता है जो रबी की फसल, विशेषकर गेहूं के लिए अमृत समान होती है।
16 जनवरी से 19 जनवरी: मकर संक्रांति के बाद मौसम में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है। कोहरे की सघनता कम होगी और धूप खिलने का समय बढ़ेगा। हालांकि, सुबह और शाम की ठंड बरकरार रहेगी, लेकिन दिन में राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख शहरों के मौसम का तुलनात्मक अध्ययन
नीचे दी गई तालिका में 4 जनवरी 2026 के लिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के संभावित तापमान और मौसम की स्थिति का विवरण दिया गया है:
| शहर (City) | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति (Weather Status) |
| लखनऊ (Lucknow) | 7°C | 19°C | सुबह कोहरा, बाद में आंशिक धूप |
| कानपुर (Kanpur) | 6°C | 18°C | शीतलहर और घना कोहरा |
| नोएडा (Noida) | 5°C | 17°C | अत्यधिक ठंड और धुंध |
| वाराणसी (Varanasi) | 8°C | 20°C | साफ आसमान, हल्की हवाएं |
| प्रयागराज (Prayagraj) | 7°C | 20°C | सुबह धुंध, दिन में धूप |
| आगरा (Agra) | 5°C | 18°C | सुबह घना कोहरा, विजिबिलिटी कम |
| मेरठ (Meerut) | 4°C | 16°C | कड़ाके की ठंड (Cold Wave Alert) |
| गोरखपुर (Gorakhpur) | 8°C | 19°C | आंशिक बादल और कोहरा |
कृषि और किसानों पर मौसम का प्रभाव
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है, इसलिए मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए बहुत मायने रखता है। 4 जनवरी और उसके बाद के दिनों में गिरने वाला तापमान गेहूं की फसल के लिए बहुत फायदेमंद है। गेहूं को पकने और दाना बनने के लिए ठंड की आवश्यकता होती है। हालांकि, अगर तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री) के पास पहुंचता है, तो पाला (Frost) पड़ने का डर रहता है, जो आलू, सरसों और मटर जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पाले की संभावना को देखते हुए खेतों में हल्की सिंचाई करें। नमी रहने से मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहता है और फसलें पाले की मार से बच जाती हैं। अगले 15 दिनों में अगर बारिश होती है, तो यह खाद का काम करेगी, लेकिन ओलावृष्टि (Hailstorm) की कोई बड़ी चेतावनी अभी तक जारी नहीं की गई है, जो कि एक राहत की खबर है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय
बदलते मौसम और कड़ाके की ठंड का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। 4 जनवरी को घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। हार्ट पेशेंट्स (हृदय रोगी) और बुजुर्गों के लिए यह समय संवेदनशील होता है क्योंकि ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
सुबह की सैर (Morning Walk) से बचें या धूप निकलने के बाद ही बाहर जाएं। बच्चों को परतों में कपड़े (Layering) पहनाएं। खान-पान में गर्म तासीर वाली चीजें जैसे गुड़, तिल, और अदरक का सेवन बढ़ाएं। अगर आप टू-व्हीलर से यात्रा कर रहे हैं, तो हेलमेट और विंड चीटर का प्रयोग अवश्य करें, क्योंकि सीधी ठंडी हवा छाती में संक्रमण पैदा कर सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
संक्षेप में कहा जाए तो 4 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा और लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद कम है। पश्चिमी यूपी में हालात ज्यादा सख्त रहेंगे जबकि पूर्वी यूपी में थोड़ी राहत मिल सकती है। अगले 15 दिनों तक कोहरे और शीत लहर का मिला-जुला असर बना रहेगा, बीच में हल्की बारिश की संभावना भी है। मौसम की इस अनिश्चितता के बीच अपनी सेहत का ख्याल रखना सर्वोपरि है। आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें और बिना वजह सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें।
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लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask – FAQs)
1. 4 जनवरी को लखनऊ में मौसम कैसा रहेगा और क्या स्कूल खुलेंगे?
लखनऊ में 4 जनवरी को न्यूनतम तापमान 7°C के आसपास रहने की संभावना है। सुबह घना कोहरा रहेगा, लेकिन दोपहर में धूप निकल सकती है। शीत लहर को देखते हुए प्रशासन ने कई जगह स्कूलों के समय में बदलाव किया है या छुट्टियां घोषित की हैं। सटीक जानकारी के लिए आपको अपने स्कूल के आधिकारिक नोटिस या जिलाधिकारी (DM) के आदेश की जांच करनी चाहिए।
2. क्या आने वाले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है?
जी हां, मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 11 जनवरी से 15 जनवरी के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके कारण उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, 4 जनवरी से 10 जनवरी तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) रहने का अनुमान है, बस कोहरा और ठंड बनी रहेगी।
3. कोहरे (Fog) में ड्राइविंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
घने कोहरे में ड्राइविंग करते समय अपनी गाड़ी की ‘फॉग लाइट्स’ (Fog Lights) का इस्तेमाल करें और ‘लो बीम’ (Low Beam) पर हेडलाइट रखें। हाई बीम से रोशनी कोहरे में फैल जाती है और विजिबिलिटी कम हो जाती है। अपनी लेन में रहें, गति धीमी रखें और आगे चल रही गाड़ी से उचित दूरी बनाकर चलें। इंडिकेटर्स का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
4. शीत लहर (Cold Wave) किसे कहते हैं और यह कब घोषित की जाती है?
मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो और सामान्य तापमान से उसमें 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाए, तो उसे शीत लहर या ‘कोल्ड वेव’ कहा जाता है। अगर तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है, तो यह गंभीर शीत लहर की श्रेणी में आता है, जो यूपी के कुछ जिलों में संभव है।
5. क्या इस साल ठंड पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा पड़ेगी?
जलवायु परिवर्तन और ‘अल नीनो’ या ‘ला नीना’ के प्रभाव के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव आ रहा है। इस साल जनवरी में पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाएं आ रही हैं। डेटा बताता है कि इस साल की ठंड पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र और लंबी अवधि तक चलने वाली हो सकती है।
इंटरएक्टिव नॉलेज चेक (MCQ Quiz)
1. 4 जनवरी 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनुमानित न्यूनतम तापमान क्या है?
- A) 10°C – 12°C
- B) 4°C – 6°C
- C) 15°C – 18°C
- D) 0°C – 2°C
- सही उत्तर: B) 4°C – 6°C
2. किस प्राकृतिक घटना के कारण जनवरी में उत्तर प्रदेश में बारिश होती है?
- A) मानसून (Monsoon)
- B) लू (Loo)
- C) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
- D) चक्रवात (Cyclone)
- सही उत्तर: C) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
3. ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की घोषणा कब की जाती है?
- A) जब रात का तापमान बहुत ज्यादा हो
- B) जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम हो
- C) जब पूरा दिन बारिश हो
- D) जब कोहरा न हो
- सही उत्तर: B) जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम हो
4. कृषि के लिए जाड़ों की बारिश (मावठ) किस फसल के लिए लाभदायक है?
- A) चावल (Rice)
- B) गेहूं (Wheat)
- C) गन्ना (Sugarcane)
- D) मक्का (Maize)
- सही उत्तर: B) गेहूं (Wheat)
5. कोहरे में गाड़ी चलाते समय कौन सी लाइट का प्रयोग नहीं करना चाहिए?
- A) फॉग लाइट
- B) लो बीम
- C) पार्किंग लाइट
- D) हाई बीम (High Beam)
- सही उत्तर: D) हाई बीम (High Beam)
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई मौसम संबंधी जानकारी और पूर्वानुमान विभिन्न मौसम एजेंसियों और उपलब्ध डेटा के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम प्रकृति के अधीन है और इसमें किसी भी समय परिवर्तन हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि यात्रा या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाने से पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या बुलेटिन से जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की असुविधा या नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।






