4 दिन का मौसम कोड रेड: दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान का हमला, उत्तर में जमाने वाली ठंड और पहाड़ों पर बर्फबारी—IMD ने जारी की देश की सबसे बड़ी चेतावनीविस्तृत प्रस्तावना (150 शब्द)
भारत के मौसम में अचानक आया यह बदलाव पूरे देश में हलचल मचा चुका है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में जहां उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ चुका है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का सिलसिला अगले 4 दिनों तक जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण चक्रवाती तूफान बनने की संभावना जताई है, जिससे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में बर्फीली हवाएं और तापमान में गिरावट से लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है। दिल्ली-NCR की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे स्मॉग और प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि 21 से 25 नवंबर 2025 तक देशभर में मौसम कैसा रहने वाला है, किन इलाकों में भारी बारिश और कहां कोहरे व ठंड का कहर देखने को मिलेगा।
आज का मौसम रिपोर्ट 21 नवंबर 2025
पूरे देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं आंधी-तूफान का प्रकोप है तो कहीं शीतलहर ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। आइए जानते हैं हर राज्य का अपडेट विस्तार से।
दक्षिण भारत का मौसम: अगले 4 दिन भारी बारिश और तूफान का खतरा
IMD के अनुसार दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण चक्रवाती गतिविधियों में तेजी आ रही है। शुक्रवार से सोमवार तक स्थिति बेहद खराब रहने का अनुमान है।
- केरल
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
- लक्ष्यद्वीप
- अंडमान-निकोबार
इन सभी राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। 55 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं तटवर्ती इलाकों में तबाही ला सकती हैं। समुद्र किनारे मछुआरों को अगले 4 दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भी गर्जना के साथ हल्की बारिश होने के संकेत मिले हैं।

उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का डबल अटैक
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहेगा।
उत्तर भारत में कोहरे और ठंड बढ़ने के मुख्य कारण
- पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ना
- न्यूनतम तापमान का गिरना
- पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
- पहाड़ों में बर्फबारी
अगले 5 दिनों तक उत्तर भारत के मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन रात का तापमान धीरे-धीरे कम होता जाएगा।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब
दिल्ली में वायु गुणवत्ता पटरी से उतर चुकी है। औसत AQI 391 दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
दिल्ली प्रदूषण का अपडेट
- 15 से अधिक निगरानी केंद्रों पर AQI 400 से ऊपर
- मुख्य प्रभावित क्षेत्र: बवाना, मुंडका, नरेला, आनंद विहार
- अगले 6 दिनों तक राहत की कोई संभावना नहीं
- शुक्रवार को मध्यम कोहरा और 11°C न्यूनतम तापमान
प्रदूषण के कारण स्मॉग की चादर दिन में भी दिखाई दे रही है।
यूपी और बिहार का मौसम
उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, सुबह और रात के समय ठिठुरन महसूस होगी।
- न्यूनतम तापमान: 10°C
- सुबह का कोहरा
- दिन में धूप लेकिन ठंड बरकरार
इसी तरह बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी कोहरा और हल्की शीतलहर जारी रहेगी।
राजस्थान में तापमान 6 डिग्री तक गिरा
राजस्थान का मौसम काफी ठंडा हो चुका है। शेखावाटी और सीकर में तापमान 6°C तक पहुंच गया है।
राजस्थान मौसम मुख्य बिंदु
- फतेहपुर: 6.1°C
- नागौर: 6.2°C
- ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान 10°C से अधिक
- अगले 10 दिनों में मौसम साफ रहेगा
राजस्थान के कई हिस्सों में सुबह कोहरा कोहरे के कारण दृश्यता कम हो रही है।
मध्य प्रदेश में शीतलहर
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, गुना, रीवा और शाजापुर में तापमान तेजी से गिर रहा है। कई जगह शीतलहर की स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड में बर्फीली हवाएं
पहाड़ों पर पिछले दिनों सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी जारी है।
- बदरीनाथ और केदारनाथ: तापमान 5°C
- सुबह बर्फ जमने से रास्ते फिसलन भरे
- शीतलहर का प्रकोप जारी
निचले इलाकों में भी अगले दो दिनों तक कोहरा रहेगा।
हिमाचल और कश्मीर में बर्फबारी का अनुमान
हिमाचल के ऊंचाई वाले हिस्सों में तापमान 2-4°C तक गिर सकता है। रोहतांग दर्रा बंद कर दिया गया है।
कश्मीर में हल्की बर्फबारी शुरू हो चुकी है।
गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है।
चक्रवाती तूफान की संभावना
IMD ने दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान की गंभीर आशंका जताई है।
चक्रवात की मुख्य जानकारी
- बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण तेज
- 24-25 नवंबर को तूफान की रफ्तार 55 किमी/घंटा
- तमिलनाडु के तटीय जिलों में भारी बारिश
- यह उत्तर-पूर्व मानसून के बाद सबसे बड़ा डिस्टर्बेंस
मौसम आंकड़े (चार्ट)
| क्षेत्र | न्यूनतम तापमान | मौसम स्थिति | विशेष चेतावनी |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 11°C | कोहरा, गंभीर AQI | प्रदूषण चेतावनी |
| राजस्थान (सीकर) | 6°C | शीतलहर | पाला पड़ने की संभावना |
| उत्तराखंड | 5°C | बर्फीली हवाएं | रास्तों पर फिसलन |
| तमिलनाडु | 20°C | भारी बारिश | चक्रवाती तूफान |
| केरल | 22°C | मूसलाधार बारिश | आकाशीय बिजली |
निष्कर्ष
21 से 25 नवंबर 2025 तक देशभर में मौसम काफी उथल-पुथल भरा रहेगा। दक्षिण भारत में भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की आशंका है, जबकि उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरा लोगों को परेशान करेगा। पहाड़ों में बर्फबारी और दिल्ली में प्रदूषण के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस दौरान लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना आवश्यक है ताकि किसी भी तरह की आपदा से बचा जा सके।
MCQ क्विज (उत्तर सहित)
1. IMD ने किस क्षेत्र में चक्रवाती तूफान की संभावना जताई है?
A. हिमालय
B. बंगाल की खाड़ी
C. राजस्थान
D. पंजाब
उत्तर: B
2. दिल्ली का औसत AQI किस श्रेणी में है?
A. अच्छा
B. संतोषजनक
C. मध्यम
D. गंभीर
उत्तर: D
3. दक्षिण भारत में बारिश का मुख्य कारण क्या है?
A. शीतलहर
B. पश्चिमी विक्षोभ
C. निम्न दबाव क्षेत्र
D. प्रदूषण
उत्तर: C
4. किस राज्य में तापमान 6°C तक गिर गया है?
A. गुजरात
B. राजस्थान
C. बिहार
D. हरियाणा
उत्तर: B
5. उत्तराखंड में तापमान सबसे कम कहां है?
A. नैनीताल
B. मसूरी
C. बदरीनाथ-कैलाश क्षेत्र
D. देहरादून
उत्तर: C
FAQs (लोग भी पूछते हैं)
1. नवंबर में भारत में मौसम अचानक क्यों बदलता है?
नवंबर वह समय होता है जब देश में मानसून की वापसी होती है और सर्दियों की शुरुआत होती है। इस दौरान हवा की दिशा बदलती है, जिससे उत्तर भारत में शीतलहर बढ़ जाती है और दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून सक्रिय हो जाता है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना अधिक रहती है, जिससे तूफान और भारी बारिश देखने को मिलती है। इसी वजह से नवंबर में मौसम में अचानक बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।
2. दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान का खतरा कब तक रहेगा?
IMD के अनुसार 21 से 25 नवंबर 2025 तक दक्षिण भारत में चक्रवाती गतिविधियों की संभावना बनी रहेगी। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के करीब 48 घंटे तक सक्रिय रहने की संभावना है। इससे तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मीट विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
3. दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली में सर्दियों के दौरान हवा की गति धीमी हो जाती है, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते और जमीन के करीब ही जमा हो जाते हैं। साथ ही पराली जलाना, वाहन प्रदूषण, उद्योगों से धुआं और निर्माण कार्य भी AQI बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से नवंबर में दिल्ली का प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है।
4. उत्तर भारत में कोहरा क्यों बढ़ जाता है?
उत्तर भारत में तापमान कम होने के साथ हवा में मौजूद नमी ठंडी होकर छोटे-छोटे जलकणों में बदल जाती है, जिससे कोहरा बनता है। सुबह के समय जमीन ठंडी होने के कारण कोहरा सबसे अधिक घना दिखाई देता है। तापमान गिरने और हवाओं के कमजोर होने से कोहरा कई घंटों तक बना रहता है।
5. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का प्रभाव कब तक देखने को मिलेगा?
पश्चिमी विक्षोभ के कारण नवंबर के अंतिम सप्ताह से हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी बढ़ जाती है। तापमान शून्य से नीचे जाने पर बर्फ जमने लगती है, जिससे रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। अगले 7 दिनों तक पहाड़ों में मौसम काफी सर्द और बर्फबारी वाला रहने की संभावना है।






