मौसम की अचानक बदलती चाल ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे लोग भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम से परेशान हैं। इस लेख के माध्यम से आप सटीक रूप से जान पाएंगे कि उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति क्या होगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए ताजा चेतावनी जारी कर दी है।
कल का मौसम 11 जुलाई 2026: दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में आसमान से बरसेगी आफत?
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में लगातार मानसूनी हवाएं सक्रिय हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कल का मौसम 11 जुलाई 2026 को दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में बहुत हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। 11 जुलाई को राजधानी में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। दोपहर और शाम के वक्त गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो राज्य में मानसूनी ट्रफ का गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है। मलीहाबाद समेत लखनऊ और आसपास के इलाकों में कल का मौसम 11 जुलाई 2026 को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में मानसून की सक्रियता के चलते दिनभर घने बादल छाए रहेंगे और कुछ संवेदनशील इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है।

लखनऊ, मुजफ्फरनगर और नोएडा सहित इन महत्वपूर्ण जिलों में भारी चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। यदि आप इन जिलों के निवासी हैं, तो आपको यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, नोएडा, गाजियाबाद और बदायूं जैसे प्रमुख जिलों में मानसून की भारी सक्रियता के चलते मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अतिरिक्त कानपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ और आजमगढ़ में भी बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक का माहौल बना रहेगा। इन प्रमुख जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
अगले 10 दिनों का मौसम का हाल: क्या मिलेगी उमस से राहत?
आगामी 10 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। शुरुआती दिनों में बारिश का सिलसिला थोड़ा धीमा पड़ सकता है, लेकिन जुलाई के मध्य में एक बार फिर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आप उत्तर प्रदेश और दिल्ली से सटे इलाकों (मुख्यतः मलीहाबाद एवं मध्य यूपी क्षेत्र) के आगामी 10 दिनों के अनुमानित मौसम का विश्लेषण देख सकते हैं:
| तारीख और दिन | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | दिन की स्थिति | रात की स्थिति | बारिश की संभावना |
| 11 जुलाई (शनिवार) | 32°C | 27°C | गरज-चमक के साथ बौछारें | हल्की बारिश | 70% (रात में) |
| 12 जुलाई (रविवार) | 34°C | 28°C | आंशिक रूप से धूप | मुख्य रूप से बादल | 25% |
| 13 जुलाई (सोमवार) | 37°C | 28°C | अधिकांशतः बादल | अधिकांशतः बादल | 20% |
| 14 जुलाई (मंगलवार) | 34°C | 28°C | हल्की बारिश | भारी आंधी-तूफान | 65% (रात में) |
| 15 जुलाई (बुधवार) | 32°C | 28°C | गरज-चमक के साथ बारिश | रुक-रुक कर आंधी | 60% |
| 16 जुलाई (गुरुवार) | 34°C | 28°C | हल्की बारिश | आंधी-तूफान | 55% |
| 17 जुलाई (शुक्रवार) | 35°C | 29°C | हल्की बारिश | घने बादल | 35% |
| 18 जुलाई (शनिवार) | 34°C | 28°C | घने बादल | तेज बौछारें | 50% (रात में) |
| 19 जुलाई (रविवार) | 31°C | 27°C | हल्की बारिश | तेज बौछारें | 55% (रात में) |
| 20 जुलाई (सोमवार) | 31°C | 27°C | गरज-चमक के साथ बारिश | हल्की बारिश | 45% |
गाजियाबाद, बरेली और मुरादाबाद में आंधी-तूफान का नया संकट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 और 15 जुलाई को मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) एक बार फिर उत्तर की ओर खिसकेगी। इसके प्रभाव से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद और पीलीभीत जैसे जिलों में रात के समय भारी आंधी-तूफान और वज्रपात की स्थिति पैदा हो सकती है। 15 जुलाई को इन क्षेत्रों में 60% तक बारिश की उम्मीद है, जिससे तापमान गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा, परंतु हवा में अत्यधिक नमी के कारण उमस का स्तर 79% से ऊपर जा सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में कल का मौसम 11 जुलाई 2026 को मिलाजुला रहने वाला है, जहां आंशिक धूप के बीच अचानक तेज मानसूनी बौछारें लोगों को भिगो सकती हैं। अगले 10 दिनों के भीतर कई जिलों में भारी वज्रपात और आंधी-तूफान आने की प्रबल आशंका है, विशेष रूप से 14 से 16 जुलाई के बीच मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।






