उत्तर प्रदेश में 6 जनवरी 2026 को भयंकर ठंड और बारिश की चेतावनी? जानिए अगले 10 दिनों का मौसम और ‘पानी’ का हाल
क्या कल सुबह जब आप अपनी रजाई से बाहर निकलेंगे, तो आपको घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा या आसमान से बरसती बूंदें आपका स्वागत करेंगी? उत्तर प्रदेश में 6 जनवरी 2026 का सूरज किस मिजाज के साथ उगने वाला है, यह सवाल इस वक्त हर किसी के मन में है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता ने उत्तर भारत के मौसम का नक्शा बदल दिया है। अगर आप किसान हैं, छात्र हैं, या दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, तो कल का मौसम आपकी योजनाओं पर पानी फेर सकता है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम न केवल कल के तापमान और बारिश की संभावनाओं को टटोलेंगे, बल्कि अगले 10 दिनों तक मौसम करवट कैसे लेगा, इसका भी सटीक विश्लेषण करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज
जनवरी का पहला सप्ताह आमतौर पर कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्ष 2026 की शुरुआत में मौसम ने एक नया रंग दिखाया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग के राडार जो संकेत दे रहे हैं, उसके मुताबिक राज्य के पश्चिमी हिस्से में बादलों का जमावड़ा शुरू हो चुका है। हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिमी है, जो अपने साथ बर्फीली ठंडक और नमी लेकर आ रही हैं। यह स्थिति ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की ओर इशारा करती है, जहाँ दिन में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है।

उत्तर प्रदेश में कल का मौसम कैसा रहेगा पानी का 6 जनवरी 2026
यह वह सवाल है जो सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है और इसका जवाब जानना बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश में कल का मौसम कैसा रहेगा पानी का 6 जनवरी 2026, इस पर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कल राज्य में ‘पानी’ यानी बारिश की संभावना प्रबल है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले जैसे सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और मेरठ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बारिश कोई साधारण बारिश नहीं होगी, बल्कि इसे ‘मावठ’ कहा जाता है जो रबी की फसलों के लिए सोने पे सुहागा मानी जाती है।
हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में स्थिति थोड़ी अलग रह सकती है। वहाँ बारिश की संभावना पश्चिमी हिस्से के मुकाबले कम है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। लखनऊ और कानपुर के आसपास छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे गलन और ठिठुरन में भारी इजाफा होगा। इसलिए अगर आप कल घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो रेनकोट या छाता साथ रखना समझदारी होगी।
क्षेत्रीय मौसम विश्लेषण: पश्चिम से पूरब तक
पश्चिमी उत्तर प्रदेश (नोएडा, गाजियाबाद, आगरा):
यहाँ कल का मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा। दिल्ली-एनसीआर से सटे होने के कारण नोएडा और गाजियाबाद में सुबह के समय हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 15-20 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो ठंड के अहसास (Wind Chill Factor) को बढ़ा देगी।
मध्य उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, कन्नौज):
राजधानी लखनऊ में सुबह घना कोहरा छाया रह सकता है। दोपहर बाद आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की धूप निकलने की संभावना है। शाम होते-होते ठंडी हवाएं चलेंगी जो तापमान को नीचे गिरा देंगी। यहाँ बारिश (पानी) की संभावना 30 से 40 प्रतिशत है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज):
यहाँ मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा लेकिन कोहरे का प्रकोप सबसे ज्यादा यहीं देखने को मिलेगा। वाराणसी और गोरखपुर में ‘डेंस फॉग’ (Dense Fog) का अलर्ट है। दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम हो सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होगा।
अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (7 जनवरी से 16 जनवरी 2026)
मौसम का यह चक्र सिर्फ कल तक सीमित नहीं है। अगले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश को कई मौसम प्रणालियों का सामना करना पड़ेगा:
- 7 जनवरी से 9 जनवरी: जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, 7 जनवरी को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी जारी रह सकती है। 8 जनवरी से आसमान साफ होना शुरू होगा।
- 10 जनवरी से 13 जनवरी (शीतलहर की वापसी): बारिश के बाद जब आसमान साफ होता है, तो ‘रेडिएशन कूलिंग’ के कारण रात का तापमान तेजी से गिरता है। इन दिनों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यह सीजन का सबसे ठंडा दौर हो सकता है।
- 14 जनवरी से 16 जनवरी (मकर संक्रांति): मकर संक्रांति के आसपास सुबह के समय घना कोहरा और दिन में खिली हुई धूप रहने का अनुमान है। हालांकि, बर्फीली हवाएं गलन बनाए रखेंगी।
कृषि जगत पर प्रभाव: वरदान या अभिशाप?
किसानों के लिए 6 जनवरी का मौसम मिला-जुला परिणाम लेकर आ रहा है। गेहूं, चना और सरसों की फसलों के लिए यह हल्की बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। इससे फसल की सिंचाई की आवश्यकता पूरी होगी और दाना मजबूत बनेगा। लेकिन, आलू और मटर की खेती करने वाले किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है या पाला पड़ता है, तो आलू की फसल में झुलसा रोग (Blight) लगने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।
शहर-वार मौसम डेटा तालिका (6 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों का अनुमानित तापमान और बारिश की स्थिति दर्शाई गई है:
| शहर | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | बारिश (पानी) की संभावना | मौसम की स्थिति |
| लखनऊ | 9°C | 18°C | 40% | बादल/हल्की बूंदाबांदी |
| नोएडा | 8°C | 16°C | 75% | बारिश और ठंडी हवाएं |
| कानपुर | 9°C | 19°C | 30% | कोहरा और बादल |
| वाराणसी | 10°C | 21°C | 10% | घना कोहरा |
| प्रयागराज | 9°C | 20°C | 15% | धुंध और आंशिक बादल |
| मेरठ | 7°C | 15°C | 80% | अच्छी बारिश |
| झांसी | 10°C | 22°C | 20% | आंशिक बादल |
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 6 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। पश्चिमी यूपी में जहां बारिश और गीली ठंड लोगों को परेशान करेगी, वहीं पूर्वी यूपी कोहरे की चादर में लिपटा रहेगा। ‘पानी’ गिरने की संभावना ने ठंड को और तीखा बना दिया है। अगले 10 दिनों तक आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम का कारण बन सकता है। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें और गर्म कपड़ों के बिना बाहर न निकलें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (People Also Ask)
1. क्या 6 जनवरी को पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी?
नहीं, 6 जनवरी को पूरे उत्तर प्रदेश में एक समान बारिश नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का मुख्य जोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, नोएडा) में रहेगा। लखनऊ और कानपुर जैसे मध्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क लेकिन कोहरे वाला रहेगा।
2. आने वाले दिनों में ठंड कब कम होगी?
फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 10 दिनों तक तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से 8 जनवरी के बाद जब बारिश रुकेगी और बर्फीली हवाएं चलेंगी, तब ‘शीतलहर’ (Cold Wave) का प्रकोप और बढ़ेगा। फरवरी के पहले सप्ताह से ही ठंड में थोड़ी कमी आने की उम्मीद की जा सकती है।
3. क्या स्कूलों में कल छुट्टी की घोषणा हो सकती है?
चूंकि 6 जनवरी को बारिश और अत्यधिक ठंड का पूर्वानुमान है, कई जिला प्रशासनों (DM) द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव या कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया जा सकता है। यह निर्णय स्थानीय मौसम की गंभीरता पर निर्भर करता है, इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के आधिकारिक नोटिस का इंतजार करें।
4. किसानों को पाले (Frost) से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
जब बारिश के बाद मौसम साफ होता है, तो पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। किसानों को चाहिए कि वे खेत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में शाम के समय धुआं करें ताकि तापमान थोड़ा बढ़ सके। इसके अलावा, खेत में हल्की सिंचाई करने से भी फसलों को पाले के नुकसान से बचाया जा सकता है।
5. कोहरे के दौरान ड्राइविंग करते समय क्या सावधानियां बरतें?
6 जनवरी और उसके बाद के दिनों में घना कोहरा छाया रहेगा। वाहन चलाते समय हमेशा ‘फॉग लाइट्स’ (Fog Lights) का इस्तेमाल करें और लो बीम पर गाड़ी चलाएं। अपनी गति को नियंत्रित रखें और आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाए रखें। यदि दृश्यता बहुत कम हो, तो सड़क के किनारे गाड़ी रोककर इंडिकेटर जला दें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।
इंटरेक्टिव नॉलेज चेक (MCQ Quiz)
Q1. उत्तर भारत में सर्दियों में होने वाली बारिश (मावठ) किस कारण से होती है?
A) मानसून
B) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
C) चक्रवात
D) व्यापारिक हवाएं
सही उत्तर: B) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
Q2. 6 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के किस हिस्से में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान है?
A) पूर्वी यूपी
B) बुंदेलखंड
C) पश्चिमी यूपी
D) मध्य यूपी
सही उत्तर: C) पश्चिमी यूपी
Q3. रबी की फसल के लिए सर्दियों की बारिश कैसी मानी जाती है?
A) हानिकारक
B) सामान्य
C) लाभदायक
D) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: C) लाभदायक
Q4. मौसम विज्ञान में ‘विजिबिलिटी’ (Visibility) का क्या अर्थ है?
A) हवा की गति
B) बारिश की मात्रा
C) हम कितनी दूर तक साफ देख सकते हैं
D) तापमान
सही उत्तर: C) हम कितनी दूर तक साफ देख सकते हैं
Q5. अगर तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए तो उसे क्या कहते हैं?
A) लू
B) सामान्य दिन
C) शीतलहर (Cold Wave)
D) उमस
सही उत्तर: C) शीतलहर (Cold Wave)
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख मौसम विभाग के मॉडलों और उपग्रह से प्राप्त सामान्य डेटा के विश्लेषण पर आधारित एक पूर्वानुमान है। मौसम की प्रकृति अनिश्चित होती है और इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है। किसी भी प्रकार की यात्रा, कृषि कार्य या कार्यक्रम की योजना बनाने से पहले कृपया भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्थानीय मौसम केंद्र से ताजा जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।






