राजस्थान में अक्टूबर का महीना खत्म होने से पहले ही मौसम ने लोगों को चौंका दिया है। प्रदेश में एक बार फिर बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर शुरू होने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से जयपुर समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। खास बात यह है कि जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है।
राजस्थान में 30 अक्टूबर को किन जिलों में होगी बारिश?
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को राजस्थान के कई जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा और सीकर जैसे जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। वहीं अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, इन इलाकों में रहें सावधान
मौसम विभाग ने संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
| ऑरेंज अलर्ट वाले जिले |
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| अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग |
| धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा |
| कोटपुतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, डीडवाना-कुचामन |
इन इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी है।
19 जिलों में येलो अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल
ऑरेंज अलर्ट के अलावा मौसम विभाग ने 19 जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है। यहां मौसम में बदलाव के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है।
| येलो अलर्ट वाले जिले |
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| बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी |
| चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद |
| सलूम्बर, सिरोही, उदयपुर, बालोतरा, चूरू |
| जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली |
इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी राजस्थान के सभी इलाकों में बारिश की संभावना एक जैसी नहीं है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के पूर्वी हिस्सों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं जैसलमेर और बाड़मेर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में ज्यादातर जगह मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
डीडवाना-कुचामन में ऑरेंज अलर्ट और बालोतरा, चूरू, जालौर, जोधपुर, नागौर तथा पाली में येलो अलर्ट के तहत मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है।
बारिश से 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
लगातार बादल छाने और बारिश होने के कारण राजस्थान के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
इससे पहले प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के बाद दिन के समय गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
31 अक्टूबर तक बारिश, 1 नवंबर से साफ होगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर को भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। हालांकि, 1 नवंबर से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क होने की संभावना है।
इस तरह अक्टूबर के आखिरी दो दिनों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है, जबकि नवंबर की शुरुआत में मौसम फिर सामान्य होने की उम्मीद है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें अनाज खुले स्थान पर रखने से बचना चाहिए। कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित तथा ढके हुए स्थान पर पहुंचाना बेहतर रहेगा।
इसके अलावा आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहना चाहिए।
निष्कर्ष: राजस्थान में 30 और 31 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। 15 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 1 नवंबर से अधिकांश इलाकों में मौसम साफ होने के आसार हैं। लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।







