बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को बिहार के 26 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 6 जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।
बिहार के 26 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान के असर से बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि अन्य इलाकों में बारिश के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
इन 6 जिलों में भारी बारिश का खतरा
भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश होने की आशंका है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
20 जिलों में येलो अलर्ट जारी
राज्य के 20 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में बारिश और मौसम में बदलाव की संभावना है। अलर्ट वाले जिलों की जानकारी नीचे दी गई है।
| अलर्ट का स्तर | प्रभावित जिले |
|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट | भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर |
| येलो अलर्ट | पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा, गया |
पटना में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका
राजधानी पटना में भी चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिल सकता है। यहां बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को तूफान का प्रभाव अधिक रह सकता है। वहीं, 31 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
आंध्र प्रदेश के तट से बिहार तक कैसे पहुंचा तूफान का असर?
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार कर गया था। उस दौरान हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी, जबकि हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
तट पार करने के बाद तूफान कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया। अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से बिहार में बारिश का मौसम बना हुआ है।
किसानों और आम लोगों की बढ़ सकती है परेशानी
लगातार बारिश होने से निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का विषय बन सकता है। खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ केले, पपीते और अन्य पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति देखकर ही खेतों से जुड़े काम करने चाहिए।
बारिश के बाद गिर सकता है तापमान
28 अक्टूबर को बिहार के कई शहरों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया था। दरभंगा में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना में 32.9 डिग्री, भागलपुर में 31.3 डिग्री, पूर्णिया में 31.5 डिग्री और गया में 27.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
| शहर | 28 अक्टूबर का तापमान |
|---|---|
| दरभंगा | 35.4°C |
| पटना | 32.9°C |
| भागलपुर | 31.3°C |
| पूर्णिया | 31.5°C |
| गया | 27.4°C |
बारिश होने से आने वाले समय में तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग हो सकता है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खराब मौसम के दौरान लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने पर खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के समय अनावश्यक यात्रा टालना बेहतर रहेगा। किसानों को भी अपनी फसल की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम संबंधी सलाह का पालन करना चाहिए।
निष्कर्ष: बिहार में 29 अक्टूबर से मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। 26 जिलों में जारी अलर्ट और 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।







