हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम बदलने की संभावना है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों और किसानों को अब राहत मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव आने का अनुमान है। इसका असर हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 29 से 31 अक्टूबर के बीच कुछ जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है। ऐसे में अगले तीन दिन राज्य के मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।
हिमाचल प्रदेश में किन जिलों में होगी बारिश?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ने की संभावना है। इससे प्रदेश के कुछ जिलों में बादल छाने और बारिश होने के आसार बन सकते हैं।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, शिमला, मंडी, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और किन्नौर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में मौसम की स्थिति बदलने से तापमान पर भी असर पड़ने की संभावना है।
| जिला | संभावित मौसमी बदलाव |
| शिमला | हल्की से मध्यम बारिश |
| मंडी | बारिश की संभावना |
| सोलन | बारिश की संभावना |
| सिरमौर | बारिश की संभावना |
| कुल्लू | बारिश की संभावना |
| किन्नौर | बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार |
ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी जिलों में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। मौसम की वास्तविक स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
अंधड़ और बिजली गिरने का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना बेहतर है। पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
ऊंचाई वाले इलाकों में गिर सकता है तापमान
हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना भी जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो इन इलाकों में ठंड बढ़ सकती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पर्यटन या जरूरी काम से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। बर्फबारी की स्थिति बनने पर यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह देखना भी जरूरी है।
इन 8 शहरों में सामान्य से नीचे रहा न्यूनतम तापमान
प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पालमपुर में सबसे कम 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चंबा और नाहन सहित अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।
| शहर | सामान्य से कम तापमान |
| पालमपुर | 2.5 डिग्री |
| चंबा | 1.4 डिग्री |
| नाहन | 1.2 डिग्री |
| केलंग | 1.2 डिग्री |
| मंडी | 0.6 डिग्री |
| कांगड़ा | 0.5 डिग्री |
| सोलन | 0.1 डिग्री |
| बिलासपुर | 0.1 डिग्री |
ये आंकड़े सामान्य तापमान से दर्ज अंतर को दर्शाते हैं, शहरों का वास्तविक न्यूनतम तापमान नहीं।
किसानों और आम लोगों के लिए क्यों अहम हैं अगले तीन दिन?
लंबे समय से शुष्क मौसम का सामना कर रहे किसानों के लिए बारिश उपयोगी साबित हो सकती है, हालांकि इसका फायदा फसलों और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, अचानक बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, 29 से 31 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश के मौसम में बदलाव की संभावना है। छह जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को निकलने से पहले ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए।







