हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद राज्य के कई इलाकों में ठंड बढ़ गई है। अब 29 अक्टूबर से मौसम में दोबारा बदलाव होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है। इसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ हिमाचल घूमने पहुंच रहे पर्यटकों पर भी देखने को मिल सकता है। मौसम में होने वाले इस बदलाव के बीच करवाचौथ पर चांद देखने को लेकर भी चिंता बनी हुई है, क्योंकि आसमान में बादल छाए रहने से चांद के दर्शन में परेशानी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से बदलेगा मौसम
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन इसके बाद परिस्थितियां बदल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 29 अक्टूबर से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कुछ निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इसके चलते सुबह और शाम के समय ठंड का असर पहले से ज्यादा महसूस हो सकता है।
मौसम का यह बदलाव उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेना जरूरी रहेगा।
31 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार
मौसम विशेषज्ञों ने 31 अक्टूबर तक राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके बाद 1 और 2 नवंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हालांकि, हर जिले में मौसम का असर एक जैसा रहने की संभावना नहीं है।
| तारीख | संभावित मौसम |
|---|---|
| 28 अक्टूबर | मौसम साफ रहने का अनुमान |
| 29 अक्टूबर | ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के आसार |
| 30 अक्टूबर | बारिश और बर्फबारी की संभावना |
| 31 अक्टूबर | कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है |
| 1-2 नवंबर | कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार |
यह जानकारी उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान पर आधारित है। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम विभाग की ताजा चेतावनी जरूर जांचें।
केलंग और कुकुमसेरी में शून्य से नीचे पहुंच रहा तापमान
पिछले दिनों हुई बर्फबारी का असर अब हिमाचल प्रदेश के तापमान पर साफ दिखाई दे रहा है। लाहुल-स्पीति के केलंग और कुकुमसेरी जैसे इलाकों में तापमान माइनस में पहुंच रहा है। ऐसे में रात और सुबह के समय ठंड काफी बढ़ गई है।
इन क्षेत्रों में पहुंचने वाले पर्यटक भी सर्द मौसम का अनुभव कर रहे हैं। तापमान में आगे गिरावट आने पर ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और जरूरी सामान का इंतजाम करना महत्वपूर्ण होगा।
रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रे पर पर्यटकों की भीड़
बर्फ से ढके पहाड़ इन दिनों पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। रोहतांग दर्रे पर बर्फ की चादर बिछी हुई है और यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शिंकुला और बारालाचा दर्रे में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है।
हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बर्फबारी के दौरान सड़क की स्थिति बदल सकती है और आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय मौसम और सड़क से जुड़ी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
करवाचौथ पर बादल बन सकते हैं परेशानी
मौसम में बदलाव का असर करवाचौथ पर चांद देखने की उम्मीदों पर भी पड़ सकता है। अगर आसमान में बादल छाए रहते हैं, तो चांद के दर्शन करने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक स्थिति उस दिन के स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में ठंड बढ़ने और कुछ क्षेत्रों में बारिश व बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।







