देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बाद भी इसका असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है, जिसके चलते दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और उत्तर भारत तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 5 से 6 दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में अगर आप आने वाले दिनों में यात्रा करने या किसी जरूरी काम से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की जानकारी जरूर रखें।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना
मौसम में बदलाव की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा निम्न दबाव क्षेत्र है। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आसपास सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल गया था।
दूसरी तरफ दक्षिण अंडमान सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। IMD का अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक यह सिस्टम डिप्रेशन का रूप ले सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में इसके आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ने की संभावना है।
इस बदलाव के कारण समुद्र के आसपास रहने वाले इलाकों में मौसम ज्यादा प्रभावित हो सकता है। खासकर 1 से 4 नवंबर के बीच आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई दिनों तक बारिश
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का असर काफी व्यापक रहने वाला है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में 31 अक्टूबर और फिर 2 से 5 नवंबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राज्य में 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है।
इन राज्यों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में भी 31 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है।
दिल्ली-NCR से उत्तराखंड तक बदलेगा मौसम
उत्तर भारत में भी आने वाले दिनों में मौसम सामान्य नहीं रहने वाला है। उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 2 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 नवंबर को बारिश का अनुमान जताया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा, इन राज्यों में अलर्ट
दक्षिण भारत में अगले पांच दिनों तक मौसम की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 2 और 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
केरल और माहे में 1 से 3 नवंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में बारिश जारी रह सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 3 और 4 नवंबर तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 1 और 2 नवंबर को भारी बारिश का अनुमान है।
किस राज्य में कब होगी बारिश? देखिए मौसम का पूरा पूर्वानुमान
| राज्य और क्षेत्र | बारिश की संभावित तारीख | मौसम का अनुमान |
|---|---|---|
| बिहार | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| झारखंड | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | बारिश और तेज हवाएं |
| पश्चिम बंगाल | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | व्यापक बारिश |
| ओडिशा | 31 अक्टूबर, 2-5 नवंबर | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तराखंड | 31 अक्टूबर से 2 नवंबर | भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका |
| दिल्ली-NCR | 2 नवंबर | बारिश और तेज हवाएं |
| तमिलनाडु | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | बारिश और भारी बारिश |
| केरल | 1-3 नवंबर | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| कर्नाटक | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश |
| आंध्र प्रदेश | 1-4 नवंबर | भारी से बहुत भारी बारिश |
| तेलंगाना | 1-2 नवंबर | भारी बारिश और गरज-चमक |
| छत्तीसगढ़ | 31 अक्टूबर से 5 नवंबर | बारिश और तेज हवाएं |
| मध्य प्रदेश | 31 अक्टूबर से 4 नवंबर | हल्की से मध्यम बारिश |
60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 1 से 3 नवंबर के दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। कुछ झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में 2 नवंबर को भी तेज हवाएं चलने की संभावना है। तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 नवंबर तक बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भारी बारिश का अनुमान है।
बारिश और आंधी के दौरान रहें सावधान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवाओं के समय कमजोर छतों, पुराने पेड़ों और बिजली के तारों के आसपास जाने से बचें।
जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां रहने वाले लोगों को जलभराव और सड़क पर फिसलन जैसी समस्याओं के लिए तैयार रहना चाहिए। मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
कुल मिलाकर, 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा नया सिस्टम बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है। इसलिए अपने राज्य और जिले का ताजा मौसम अपडेट देखते रहें।
जरूरी सूचना
यह मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध IMD संबंधी आंकड़ों पर आधारित है। मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि से पहले मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी जरूर जांचें।







