28 अक्टूबर मौसम अपडेट: अक्टूबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है। मानसून की विदाई के बाद अब चक्रवात अर्नब और अलग-अलग मौसमी गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तटीय राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बताया गया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों में खराब मौसम के कारण भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
28 अक्टूबर से लेकर महीने के आखिरी दिनों तक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में मौसम बदलने का अनुमान दिया गया है। वहीं आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात से जुड़ी गतिविधियों पर खास नजर रखने की जरूरत है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है। ऐसे में लोगों के लिए मौसम की जानकारी रखना और जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है।
चक्रवात अर्नब को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
दिए गए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है। चक्रवात के प्रभाव से समुद्र के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं, भारी बारिश और जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
पूर्वानुमान में बताया गया है कि चक्रवात के लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। तेज झोंकों के दौरान यह गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ओडिशा के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
हालांकि, चक्रवात की वास्तविक स्थिति और उसके रास्ते में बदलाव की जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।

28 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में कितना रहेगा तापमान?
बारिश और तेज हवाओं के बीच अलग-अलग शहरों के तापमान में अंतर देखने को मिल सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| दिल्ली | 30°C | 17°C |
| लखनऊ | 31°C | 21°C |
| पटना | 31°C | 24°C |
| रांची | 24°C | 20°C |
| कोलकाता | 32°C | 25°C |
| शिमला | 23°C | 12°C |
| जयपुर | 31°C | 19°C |
| भोपाल | 28°C | 21°C |
| मुंबई | 34°C | 25°C |
| चेन्नई | 33°C | 26°C |
ये तापमान दिए गए डेटा पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक तापमान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।
दिल्ली-NCR में बारिश से गिरेगा तापमान?
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बताई गई है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने का खतरा भी जताया गया है। बारिश के कारण राजधानी के तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम में अचानक बदलाव से सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ सकती है। लोगों को बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर तक मौसम रहेगा बदला हुआ
उत्तर प्रदेश में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक मौसम का असर अलग-अलग स्तर पर दिखाई दे सकता है।
गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर, मथुरा और फिरोजाबाद के साथ कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, देवरिया, गोरखपुर और हरदोई जैसे जिलों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
बिहार में 28 और 29 अक्टूबर को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका है। पटना, गया, जहानाबाद, बेगूसराय, लखीसराय, खगड़िया, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, सहरसा और सुपौल में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, कैमूर और औरंगाबाद सहित दूसरे क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना जरूरी है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश के आसार
झारखंड में 29 और 30 अक्टूबर के दौरान रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, दुमका, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। कोलकाता, हावड़ा, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, मालदा, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दुर्गापुर और कूचबिहार में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान में 28 से 30 अक्टूबर के बीच जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, टोंक, बूंदी और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में बारिश और आंधी का अनुमान है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
इस दौरान खुले में रखी कृषि उपज, खेतों में खड़ी फसलों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। किसानों को स्थानीय कृषि और मौसम संबंधी सलाह के अनुसार जरूरी कदम उठाने चाहिए।
मध्य प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव हो सकता है। भोपाल, सतना, कटनी, दमोह, पन्ना, मुरैना, निवाड़ी और बैतूल सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है। हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का भी अनुमान दिया गया है।
पंजाब और पहाड़ी राज्यों में सावधानी जरूरी
पंजाब में 28 से 31 अक्टूबर तक बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। चंडीगढ़, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब में मौसम प्रभावित होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तराखंड में चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, टिहरी गढ़वाल और ऊधम सिंह नगर में बारिश का अनुमान है। पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, किन्नौर, चंबा और सिरमौर में भी बारिश की संभावना बताई गई है। कुछ इलाकों में ओले गिर सकते हैं और हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश में 30 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर चक्रवात का प्रभाव अधिक रहने की आशंका है। विशाखापत्तनम, गुंटूर, बापटला, मछलीपट्टनम, काकीनाडा और पूर्वी तथा पश्चिमी गोदावरी क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान दिया गया है। ओडिशा के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश से सतर्क रहने की जरूरत है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट
गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है, जबकि गुजरात में 30 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों के दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को ओले गिरने का अनुमान भी दिया गया है।
खराब मौसम में किन बातों का रखें ध्यान?
तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने पर खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले आधिकारिक सलाह जरूर देखनी चाहिए।
पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित रास्तों और अचानक बढ़ने वाले जलस्तर से सावधान रहना चाहिए। किसान स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा की व्यवस्था करें।
निष्कर्ष
28 अक्टूबर से अक्टूबर के आखिरी दिनों तक देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना बताई गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश तथा बिजली गिरने का खतरा ध्यान देने योग्य है, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात से जुड़ी परिस्थितियां अधिक महत्वपूर्ण हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मौसम के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है, इसलिए किसी भी यात्रा या बाहरी काम की योजना बनाने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी जरूर जांचें।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख दिए गए मौसम संबंधी डेटा के आधार पर तैयार किया गया है। चक्रवात के नाम, उसकी स्थिति, लैंडफॉल और अलग-अलग राज्यों के अलर्ट की पुष्टि के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक जानकारी देखें। इसे वास्तविक समय की आधिकारिक मौसम चेतावनी का विकल्प न मानें।






